Israel US Iran War Updates LIVE: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग 19वें दिन में प्रवेश कर गई है। इजरायल और अमेरिका ईरान में जोरदार हमले कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी ड्रोन और मिसाइलों से पलटवार कर रहा है। फिलहाल जंग में ईरान को बड़ा झटका लगा है और उसके 2 बड़े सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं।
अली लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और गुलाम रजा सुलेमानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 'बसीज फोर्स' के प्रमुख थे। दोनों लोगों की मौत इजरायल के हमलों में हुई है। अपने सुरक्षा अधिकारियों की मौत के बाद ईरान बुरी तरह भड़क गया है। ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना और शासन को कमजोर या उखाड़ फेंकना है।
फिलहाल दोनों पक्षों से हमले लगातार जारी हैं। अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों, नेतृत्व और बुनियादी ढांचे पर लगातार हवाई हमले हो रहे हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। ताजा घटनाओं और अपडेट्स के लिए इंडिया टीवी की डिजिटल टीम से जुड़े रहें।
इजरायली सेना का कहना है कि ईरान से उसके इलाके की ओर मिसाइलें दागी गई हैं। सेना ने कहा कि हवाई सुरक्षा प्रणालियां इस हमले को रोकने के लिए काम कर रही हैं। एक्स पर एक पोस्ट में, सेना ने बताया कि जिन इलाकों को निशाना बनाया गया है, वहां के निवासियों को उनके मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर सूचित कर दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि जब तक खतरा टल ना जाए, तब तक वो सुरक्षित जगहों (शेल्टर) पर चले जाएं।
सऊदी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने हाल के कुछ घंटों में देश के पूर्वी हिस्से में ड्रोन हमलों को रोका है। ताजा मामले तब सामने आए हैं जब मंत्रालय ने कुछ घंटे पहले ही बताया था कि उसने अल-खर्ज प्रांत के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद मिसाइल का मलबा प्रिंस सुल्तान एयर बेस के आसपास गिरा, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी सेना ने देश को निशाना बनाकर किए गए एक मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब खाड़ी क्षेत्र के कई देश पूरी रात ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें दे रहे थे।
कुवैत नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने बुधवार तड़के मानवरहित विमानों को मार गिराया है। यह बयान कुवैती सेना के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उसने कहा था कि वह दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रही है। UAE, सऊदी अरब और बहरीन ने भी हाल के घंटों में मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की जानकारी दी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट पर कहा कि ईरान के पास स्थित इस जलमार्ग को हम अपने दुश्मनों को उपयोग करने की अनुमति नहीं देंगे। आसपास जंग चल रही है तो ये है स्वाभाविक है कि असुरक्षा की वजह से कई जहाज और देश इस रास्ते का उपयोग नहीं करना चाहेंगे। हमें होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, ताकि ईरान के हितों और क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नियमों के तहत इस जलमार्ग से शांतिपूर्ण आवागमन स्थायी रूप से बनाए रखा जा सके।
बेरूत पर इजरायली हमलों में 6 लोग मारे गए हैं और 24 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजरायली वायु सेना की तरफ से देश की राजधानी पर किए 2 हमलों में ये लोग मारे गए और घायल हुए हैं।
चैनल 12 ब्रॉडकास्टर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से हुए हालिया मिसाइल हमले के बाद मध्य शहर कफ्र कासिम में कम से कम 4 जगहों पर हमले हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।”
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उसकी मिसाइलों ने लारीजानी और उनके साथियों की हत्या के जवाब में इजरायल में 100 से अधिक सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है। फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में, IRGC ने कहा कि इन ठिकानों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि इजरायल का बेहद उन्नत रक्षा तंत्र पूरी तरह से नाकाम हो गया था। IRGC ने बताया कि इस बदले वाले हमले में उसने खुर्रमशहर 4, कद्र, इमाद और खैबरशकन मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
उत्तर-पूर्वी शहर किरकुक में इमाम अली बेस पर हमले के बाद आसमान में आग की लपटें दिखाई दी हैं। यह बेस पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के सैनिकों का ठिकाना है। ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद से ही अमेरिकी सेना और तेहरान समर्थित गुटों के बीच गोलीबारी जारी है।
संपादक की पसंद